बोधिसत्व की दो कविताएँ
कविता / Poetryक्या इसीलिए जन्मा राम के अवध में कुछ आवाजें आ रही है इन आवाजों में घुले हैं कई स्वर कभी लगता है कि ये बहुत दूर से आ रही आवाजें हैं कभी लगता है कि घर में ही उठ रही है यह आवाज या घर के पीछे का कोलाहल है यह। कई लोग हैं और [...]
