विसर्जन: नकुल मल्लिक
कथा / Fictionतमाम तरह की पनीली वनस्पतियों से भरा पोखर सफ़ाई करने वाले उन जमादार लोगों की जान था। वहाँ वे नहाते, हाथ-पैर, कपड़े धोते और अपने गाय-बछड़ों को नहलाते। गरमी के मौसम में मोहल्ले के लड़के दिन-भर फुटबॉल खेलकर थक जाते और उस पोखर में तैरकर अपनी तपिश और थकन मिटाते। बारिश आती तो बच्चे और [...]
