आज़ादी विशेषांक / Freedom Special

अंक 13 / Issue 13

कथा / Fiction

ऊँट का फूल: प्रभात

कथा / Fiction

फूलों के गाँव में तरह-तरह के फूल थे. आक के फूल, अड़सूटा के फूल, कटैड़ी के फूल, आम के फूल, नीम के फूल, बबूल के फूल. आक के फूल की शकल घुँघरू जैसी थी. परदेसी आक के फूल की षकल षहनार्इ से मिलती थी. इस तरह हरेक फूल में कोर्इ न कोर्इ खूबी थी. कटैड़ी […]



Furlough: Upendranath Ashk

कथा / Fiction

Translated by Daisy Rockwell It was the second week of June when Kaviraj decided to go to Shimla. He told Chetan to get himself ready for the trip and then come to his pharmacy. Chetan didn’t have much to get ready. All he had was the soft, warm quilt he had received as a wedding […]



Khoon Ka Badla Khoon: Umber Ranjana Pandey

कथा / Fiction

“Life imitates Art far more than Art imitates Life.” — Oscar Wilde in ‘The Decay Of Lying – An Observation’ Jhanjhat is blind and Dikkat is deaf. They are dacoits who go to loot a haunted villa in a play called Bhooton Ka Dera. They are rehearsing on an empty stage during midnight, riding their fake […]



The Cheat: Sharath Komarraju

कथा / Fiction

Swagata Das, at first glance, had a face that could only be adequately described as strictly ordinary. Her nose and mouth were undoubtedly meant for someone else – the former was too fat and the latter too flat. Her eyes tried valiantly to redeem the damage with their size and sparkle, but in spite of […]



कहानी की चाभी: आशुतोष भारद्वाज

कथा / Fiction

–कुछ खोज रहे हैं आप? –खोज रहा हूँ? –काफ़ी देर से आप नदी किनारे…..आपकी चाभी तो नहीं खोयी है? –चाभी? –कुछ देर पहले मुझे पानी में एक चाभी मिली थी. लंबी, अष्टधातु की चाभी. यहाँ के लोगों के पास ऐसे ताले चाभी नहीं होते तो मुझे लगा…. –दिखलाइये तो. –वो वहाँ सागौन के नीचे मेरे […]



बिआह की पढ़ाई (उपन्यास अंश): हरे प्रकाश उपाध्याय

कथा / Fiction

1 एक समय होता है विचारणा का और एक समय होता है ठिठककर सोचने का एक समय होता है उन्नत बनने का और एक समय पतन का भी एक समय उन्नति का और एक अवनति का  (ताओ तेह् चिन) हर साल की तरह इस साल भी रामदुलारो देवी मध्य विद्यालय, सेदहाँ की वार्षिक परीक्षा गाँव […]



Lunatics of the Border Areas – A Journal: Vivek Narayanan

कथा / Fiction, कविता / Poetry

From an actual news item, apparently, (credited to the Press Trust of India) in The Hindu, June 3, 2002: “A sudden increase in the number of lunatics in the border areas is causing concern to the district administration…” * When I woke the first day, all was blur. A boot kicked me, I fell, then […]



Empty Dreams: Jayaprakash Satyamurthy

कथा / Fiction

On the first night, I had to sleep half-sitting, my head resting on my knees and my arms wrapped around my legs to avoid rolling onto something that stank terribly and felt disgustingly warm and wet. As my head cleared, I realized it was my own vomit. On the second day, two shallow tubs were […]



यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते: भूतनाथ

कथा / Fiction

नन्हें बहुत छोटा था. उसकी एक बड़ी दीदी थी. दीदी बहुत बड़ी थी, माँ से लंबी और पापा से छोटी. नन्हें दीदी की कमर तक आता था. दीदी आठवीं में पढ़ती थी, नन्हें तीसरी में पढता था. नन्हें को स्कूल जाना कभी पसंद नहीं था, लेकिन दीदी हमेशा स्कूल जाती थी. नन्हें बिचारा स्कूल में […]



उस पार: वरुण ग्रोवर

कथा / Fiction

लंबी लाइन थी. इतने छोटे-से रोल के लिए भी इतने लड़के आ गए थे. कुछ तो सीधे नींद में चलकर आए लग रहे थे. जैरी नींद में नहीं था. उसने अपना पॉकेट मिरर निकाल कर चेक भी किया. एक बार बालों पर भी हाथ फेरा. बालों पर हाथ फेरने से उसे कॉन्फिडेंस आता था. इसलिए […]