2 अप्रैल 2008 से 15 मई 2010 के बीच प्रतिलिपि में 23 भाषाओं के 280 लेखकों की 416 कृतियाँ (4460 वेब पृष्ठ), मूल और/अथवा अनुवाद में प्रकाशित हुई हैं. गूगल एनालिटिक्स के आधार पर २० सबसे अधिक पढ़े गए पाठों की सूची के लिए यहाँ क्लिक करें.
Between 2/4/2008 and 15/5/2010, Pratilipi has published 416 pieces (4460 pages) by 280 authors in 23 languages - in the original and/or translation. To download a list of the 20 most-read pieces (according to Google Analytics), click here.
बनास 2
(गल्पेतर गल्प का ठाठः काशी का अस्सी पर केन्द्रित)
सम्पादक: पल्लव
प्रकाशन: 2010
सम्पर्कः 403, बी-3, वैशाली अपार्टमेंट्स , हिरन मगरी सेक्टर 4, उदयपुर-313 002
KNOWN TURF
Author: Annie Zaidi
Publisher: Tranquebar, 2010
Chouboli
By: Vijaydan Detha (Bijji)
Translated by: Christi A Merill, with Kailash Kabir
Publisher:Katha 2010
द व्हाइट टाइगर
लेखक: अरविन्द अडीगा
अनुवाद: मनोहर नोतानी
प्रकाशक: हार्पर कॉलिन्स 2010
एक कहानी एक किताब
श्रंखला संपादक: अखिलेश
लेखक: कुणाल सिंह, संजीव, देवेन्द्र, राजू शर्मा, मनोज रूपड़ा, शिवमूर्ति, दूधनाथ सिंह, ममता कालिया, नीलाक्षी सिंह, काशीनाथ सिंह
प्रकाशक: हार्पर कॉलिन्स 2010
अखिलेश - एक संवाद
वार्ताकारः पीयूष दईया
प्रकाशकः राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली, 2010
जाग उठे ख़्वाब कईं
लेखकः साहिर लुधियानवी
संचयन-संपादनः मुरलीमनोहर प्रसाद सिंह, कांतिमोहन 'सोज़', रेखा अवस्थी
प्रकाशकः पेंगुईन इंडिया, नई दिल्ली, 2010
पतझर के पाँव की मेहँदी: यात्रा वृत्तान्त और वैचारिक निबन्धों का संकलन
लेखकः उदयन वाजपेयी
प्रकाशकः पेंगुइन इंडिया एवं यात्रा, नई दिल्ली, 2009
ravindra ki chitr kritiyon se main pichle dinon hi parichit hua…mujhe yah jaankar preetikar aaschary hua ki unki jyadatar kritiyan kavitaon se prerit prabhavit hai…mujhe yaad hai jab unhone bahut kahne par kalaon ki is aapsdari ko shabd roop bhi diya tha…
excellent work.